वो बिलकुल व्याकुल और बेचैन हुआ जा रहा था. XXX Hindi मेरा घर यही शहर में है. दुकानदार मुझे आराम से खाने लगा. दुकानदार मेरी गांड और चूत दोनों पीने लगा. मेरी साड़ी उठाकर मेरी चूत का साइज़ ले ले!!’ मैंने उससे कहा.‘.. इसलिए जैसा जैसा मैं कहती गयी वो करता गया. मैं जौनपुर की रहने वाली हूँ. उसने एक मैली लुंगी और बनियान पहन रखी थी. इसलिए जैसा जैसा मैं कहती गयी वो करता गया. कहीं मार्किट में आते जाते किसी ने मेरी चूत देख ली तो गदर मच जाएगा. लग रहा था की अभी मेरी चूत में कोई बम फट जाएगा.‘अब मेरा मुँह क्या देख रहा है भड़वे!! मेरी चूत के अंदर स्थित जी स्पॉट पर दुकानदार का लौड़ा पहुचकर मार कर रहा था. कच्छा निकाल दिया और मेरी चूत में अपना गन्दा लौड़ा लगाने लगा.‘ऐ..ऐ हरामी!! ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.‘ऐ भडवे!!….क्या तू नहाता नही क्या रे!!’ मैंने पूछा.‘…कोमल रानी! ये ब्रा पेंटी बेचने वाला दुकानदार जोर जोर से मेरी चूत पीने लगा. मेरी पायल की झनकार से आवाज छन छन करके आ रही थी. उपर से इतना लंड खड़ा होता है की वैसे गर्मी चढ़ जाती है!’ दुकानदार बोला. दुकानदार जोर जोर से हुसड हुसड के मेरे दूध पीने लगा. मुझे बड़ा सुकून मिला. ‘सुनिए जी!! आज मैंने उस दुकानवाले से उसकी दुकान में















