उन्होंने सारी बाते बताई जो उन्हें बहू में चाहिए थी।मैंने उनसे कहा – “एक लड़की है, जो बहुत ही सुंदर है और संस्कारी भी, लेकिन वो दूसरे कास्ट कि है लेकिन मिथिलेश और वो एक दूसरे को चाहते भी है”। आप लोग चाहे तो उसे एक बार देख सकते है।मैंने किसी तरह से उसकी मम्मी को उससे मिलने को मना लिया। मिथिलेश कि मम्मी शालिनी से मिलने के बाद पक्का कर दिया था कि मुझे तो बहू पसंद है। कुछ दिन बाद शालिनी के घर वालो से बात करके मिथिलेश और शालिनी कि शादी तय हो गई।मिथिलेश ने मुझे अपने घर एक हफ्ते पहले ही बुला लिया था। मै उसके घर पहुंचा, उसके घरवालो ने मुझे बहुत प्यार करते थे, इसलिए मुझे एक अलग कमरा दिया रहने के लिये। मै अपने कमरे में बैठा हुआ था कुछ देर बाद मिथिलेश की भाभी मेरे लिये चाय लेकर आई।मैंने उनसे कहा – कैसी हो भाभी??उन्होंने कहा – ठीक हूँ। मैंने पूछा और भैया कैसे है। वो भी ठीक है ऐसा भाभी ने कहा।वो मुझे चाय देकर चली गयी। भाभी जी के बारे में बात करे तो वो ज्यादा गोरी नही है लेकिन फिर भी बहुत अच्छी है। मुझे तो बहुत ही हॉट लगती है। पहले तो मै उनसे बात नही करता था, लेकिन धीरे धीरे वो मुझसे बातें करने लगी।एक बार भाभी मुझे बता















