आई लव यू!!” मैंने उससे कहा। तो वो दूर हट गयी और उसने मुँह फेर लिया। मेरे सामने अब उसकी पीठ थी। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.“मैं तुमसे बहुत प्यार करता हूँ सोना!! ऊऊ.. हिंदी XXX वो दिन कब आएगा जब इस फुलझड़ी की चूत में लंड डालने का सौभाग्य मुझे मिलेगा!!”मैं खुद से यही बार बार कहता था। फिर दोस्तों सोना हर दोपहर मेरे घर रमेश काका [हमारे ड्राईवर] का टिफिन लेकर रोज आने लगे। एक दिन उसे बाजार में कुछ लड़के छेड़ रहे थे। तो मैंने उन लड़कों से लड़ाई कर ली और सोना को बचा लिया।उसके बाद से हम दोनों की जान पहचान और गहरी हो गयी। एक दिन मेरे घर ५०” वाला led टीवी आया था जो खासकर मेरे कमरे में पापा से लगवाया था। दोपहर में जब सोना रमेश काका का टिफिन लेकर आई तो मैंने उसे टीवी दिखाने के लिए अपने कमरे में ले गया।सोना नहा धोकर आई थी। उसके बाल अभी भी गीले थे। सोना का अनचुदा बदन बहुत जादा भरा हुआ था। उसके बस एक नजर देखते ही मेरा लंड क़ुतुब मीनार बन जाता था और उस कड़क माल को चोदना चाहता था।“बहुत सुंदर टीवी है अवधेशकुमार!! मैंने भी तुमसे बहुत प्यार करती हूँ!!” सोना बोली और मुझसे गले लग गयी।उसके बाद तो दोस्तों मेरा लौड़ा तुरंत खड़ा हो गया।















