गांव की रंडी चाट रही है

उसस्के मूह से अजीब आवाज़ें आ रही थी. XXX Hindi मेरे होंठ बुआ के निपल चूस रहे थे और हाथ मस्त चूत को मसल रहा था. बुआ क्या मैं चुचि चूस सकता हूँ, बस एक बार!”बुआ भारी आवाज़ में बोली,”शैलेश, एक तो मुझे तुम अकेले में मधु कहा करो, बुआ नहीं. मैं अपने लंड को मसालते हुए उसस्के मस्त गांद को देखने लगा.” अब चढ़ भी जा घोड़ी पर शैलेश….सोच क्या रहा है? मैं बुआ के मुख पर झुका और उसको किस करने लगा.बुआ के होंठ बहुत नरम और रसीले थे. बुआ का रंग सांवला था लेकिन जिस्म बहुत सेक्सी था. काफ़ी दूं है उसस्के लंड में. उसकी आँखें बंद थी. हमारे मुख रस एक दूसरे से मिल रहे थे और वासना का दौर ज़ोर पकड़ रहा था.हवस के कारण अब मेरे हाथ बुआ के ब्लाउस के अंदर जा कर उसकी मस्त चुचि को टटोलने लगे. मेरा लंड अपनी पिचकारी छ्चोड़ने लगा. मैने आँख उस पर टिका दी. हम गहरे आलिंगन में थे और मेरा लंड पेंट की कैद से बाहर आने को मचलने लगा. एस्सा आनंद मुझे सपने में भी नहीं मिला आज तक, मधु, चुदाई तो बस जन्नत है!”मधु उतेज़ित हो कर हाँफ रही थी. अगर फूफा के साथ सुहागरात नहीं मनाई तो मैं तेरी इच्छा पूरी कर देता हूँ, मेरी मधु रानी, क्या तुम नीचे लेतो गी या फिर शैलेश के

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