वो अपने हाथ मेरी गर्दन पर फिराने लगी. XXX Hindi उसमें चॉकलेट्स थीं. मैंने कई बार तुम्हें बताना चाहा, पर हिम्मत नहीं हो पायी. सच में आज मुझे वो गजब की सुन्दर लग रही थीं. रागिनी मेम मुझसे लिपट गईं और मैं उनके होंठ चूसने लगा. रागिनी तो मेरे होंठों में ही गुम थी कि अचानक से एक ‘चटाक..’ से रागिनी के चूतड़ों में एक चपत सी महसूस हुई. वो भी एकदम से झड़ कर मुझसे लिपट गई थी. जब मैंने उसे रोते हुए देखा, तो मैंने उसे अपनी बांहों में ले लिया और किस करने लगा.मैंने रागिनी के कान में कहा- जानेमन, रोती क्यों है, मैं तुझे कुछ नहीं होने दूंगा.यह कह कर मैं रागिनी की चुची को सहलाने लगा. मुझे इस वक्त उसके तन पर किसी अन्य अंग को छूने या सहलाने का होश ही नहीं था. उन्होंने बड़ा सा घूंघट कर रखा था. मैंने चूत पर हाथ लगाया, तो वह सूज चुकी थी. रागिनी की चूत बहुत टाइट थी. मेरा लंड रागिनी की चूत के अन्दर ही था. मैंने भी उसकी जीभ को चूसा. अब मैंने उसकी ओढ़नी को उसके सीने से हटा दिया और उसे मदमस्त निगाहों से निहारने लगा.मेरे इस तरह से देखने से रागिनी को शर्म आने लगी और वो पलट गयी.















