गीली देसी चुटकी नहा के बाद

आज से करीब बारह साल पहले की बात है। मैं काम के सिलसिले में कानपुर गया हुआ था। काम तो एक दिन का ही था पर कानपुर एक बहुत ही खूबसूरत जगह है, घूमने का मन हुआ तो मैंने रात को रुकने का फैसला किया।कानपुर में मेरे एक दोस्त नितेश का परिवार रहता था। नितेश के पिता जी, जिन्हें मैं ताऊ जी कहता था, वो अब नहीं रहे थे, पर ताई जी, उनका बड़ा बेटा नरेन्द्र अपने परिवार के साथ रहता था। नरेन्द्र के परिवार में नरेन्द्र की पत्नी अंजू, उनकी बेटी सृष्टि जो लगभग तब अठारह या उन्नीस साल की होगी और नरेन्द्र का बेटा अरुण जो बारह साल का था।नितेश भी नरेन्द्र के साथ ही रहता था। मेरी नितेश के साथ बहुत अच्छी पटती थी क्यूंकि नितेश बचपन में कुछ साल हमारे पास ही रहा था। जब मैंने नितेश को बताया कि मैं कानपुर आ रहा हूँ तो वो ही मुझे जिद करके अपने साथ नरेन्द्र भाई के घर ले गया।मैं सुबह ही कानपुर पहुँच गया था। नितेश का पूरा परिवार मुझे देख कर बहुत खुश हुआ। लगभग दो साल के बाद मैं उन सब से मिला था। तब घर पर सिर्फ ताई जी और अंजू भाभी ही थे। कुछ घर परिवार की बातें हुई और फिर मैं नितेश के साथ वो काम करने चला गया जिसके लिए मैं कानपुर

गीली देसी चुटकी नहा के बाद

Related videos