में बोली हमम्म्म हाँ भाई प्लीज चूसो ना आह्ह्ह और उसी समय भाई ने मेरी चूत की दोनों फांको पर अपने होंठ रख दिए और वो मेरी कसी हुई चूत के होठों को अपने होंठ से दबाकर बुरी तरह से चूसने लगा और में तो बस कसमसाती रह गयी.में तड़पती मचलती आहह उह्ह्ह्ह भैया उईईइ आहह्ह्ह और भाई चूस चूसकर मेरी अधपकी जवानी का रस पीता गया, मेरी कच्ची कली का वो कच्चा रस उसको भा गया और वो बड़ी देर तक मेरी 18 बरस की छोटी सी चूत से चिपका रहा. हिंदी XXX उसके बाद तो मेरी चांदी हो जाएगी और यह विचार अपने मन में लेकर में बड़ी खुश थी और कुछ भी कर जाने के लिए एकदम तैयार थी और मुझे अपनी चुदाई के अलावा कुछ भी नजर नहीं आ रहा था.अब मेरा भाई भी मेरे गुदगुदे रसभरे जवान होते हुए जिस्म का सुख भोगने लगा था और धीरे धीरे मेरी चढ़ती मादक जवानी का असर उस पर भी उसी पहली रात को हो गया और इसलिए उसने भी कुछ देर बाद जानबूझ कर मेरे सामने अंजान बनकर मुझे अपने से चिपका लिया.जिसकी वजह से अब उसका लंड एकदम कड़क हो गया था और में भी उसको ज्यादा जोश में लाने के लिए बार बार अपनी चूत को उसके लंड पर जानबूझ कर दबा दबाकर उसके साथ बातें करते हुए ना















