मैंने बुआ की गांड हलकी सी ऊपर उठाई और उनकी चूची दबाने लगा. हिंदी XXX उस दिन उन्होंने सफाई के बाद साड़ी नहीं पहनी थी दूसरी नाईटी पहन ली थी और कमरे में आई.मैंने उन्हें देखा और देखता ही रह गया. मेरा लंड पूरा लाल हो चूका था. चूत में अपना लंड डालदो जल्दी से रुका नहीं जा रहा है.मैं बोला – अभी पहले मेरा लंड चुसो तो.वो बोली – जल्दी से दे मेरे मुह में.मैं सीधा खड़ा हुआ और वो घुटनों पर बैठ गयी और मेरा लंड जोर- जोर से चूसने लगी. मेरी बुआ का नाम शोभा है. वो लंड ऐसे चूस रही थी, जैसे सारा रस आज ही पी जायेंगी और मेरे लंड को अपने हलक तक गुसा रही थी.जिससे मैं बहुत ज्यादा गरम हो चूका था. अब मैंने उन्हें सोफे पर बैठाया और उनकी टाँगे खोलकर उनकी गुदगुदी जांघो पर हाथ फेरने लगा और उनकी चूत पर अपने होठ रख दिए. मैं पहले की तरह उनकी चूची देखने लगा, पर अब मैं बड़ा हो चूका था और २ सालो में कई बार, बुआ ने मुझे मुठ मारते हुए भी देख लिया था.इस बार मैंने ठान लिया था, कि बुआ को चोदके ही रहूँगा. तभी बुआ की नज़र मेरे लंड पर पड़ गयी और वो मेरे पास आके बैठ गयी और बोली अभी तो तू कह रहा था, कि तू बड़ा नहीं















