और मामी के छेद से बहुत ही गन्दी दुर्गन्ध आ रही है लेकिन अब वही जानलेवा दुर्गन्ध मुझे खुशबु सी लगने लगी.मेरे नाक में प्रवाहित होकर दिमाग में वो खुशबू बस गयी और अब मेरे अंग अंग में उसका जादू चढ़ गया. “Mami Ki Sexy Gaand”मामी- उफ्फ्फ्फफ अब दर्द होने लग गया, साड़ी उंगलिया डाल दी तूने, अब कुछ फर्क पड़ा क्या?मैं- मामी पाद ज्यादा तो आई लेकिन उतनी नही जितनी मैं चाहता था, कब्ज अभी दूर नहीं हुयी है.मामी- तो अब कैसे होगी कब्ज दूर, चारों उंगलिया तो डाल दी तूने.मैं- एक ऊँगली बची है मामी.मामी- कौन सी?मैं- अभी डालता हूँ लेकिन तू आँख बंद कर दे और उठना मत और न ही पीछे देखना वरना कब्ज जिंदगी भर दूर नहीं होगी और तू उत्तराखंड की वादियों को ऐसे ही सड़ाती रहेगी.मामी- नहीं देखूंगी तू डाल दे 5वीं ऊँगली भी.मैं- ठीक है मैं 5वीं ऊँगली भी घी में डालता हूँ.मेरा लण्ड बिलकुल रोड की तरह खड़ा था जिसको किसी भी हालत में छेद चाहिए था. हिंदी XXX मामी चावल चूल्हे में रखकर आ जाती हैमामी- चल अभय, अब बता कौन सा खेल खेलना है पहले?मैं- पहले हम कुश्ती करते हैं, इसमें एक दूसरे को पटकनी देनी होती है.मैं मामी को सारे खेल के नियम और खेलने का तरीका बता देता हूँ और हम कुश्ती शुरू करते हैं.















