की आवाज निकाल और चोदने को बोल रही थी इधर मैं झड़ ने बाला था तो वाथरूम में झड़ आए। अब भी दीदी नहीं झड़ी थी तो मैं उसे फिर से सहलाने लगा और ब्रा को खोल कर बूब्स को चूसने दबाने लगा और हांथ से चूत के दरार में दाने को रगड़, मसल रहा था।कुछ देर बाद दीदी बोली मेरा पानी निकलने वाला है और माड़ जैसा गाढ़ा सफेद पानी निकलने लगा। अब दीदी ठंडा हो गई थी इस समय 9:56 बजा था लेकिन इतने देर में मेरा लंड फिर से खड़ा हो गया था। अब मैं दीदी की योनि में ऊंगली घुसा रहा था तो चूत बहुत टाइट होने की वजह से दर्द हो रहा था।तो मैं उनकी चूत के दरार में उंगली फिराने लगा कभी कभी दाने को भी मसल दे रहे थे फिर मैं बूब्स को भी चूसने लगे। अब दीदी फिर से गर्म होने लगी और कहने लगी अब मुझे जादा मत तड़पा इस बार अपने लंड को डाल दें, मेरी चूत का सिल तोड़ दे।मैं अपना बनियान उतार दिया अब दोनों पूरा नंगे हो चुके थे। मेरा लन्ड भी काफी सख्त हो गया था अब मैं भी दीदी को ज्यादा तड़पाना ठीक नहीं समझा और मैं दीदी के ऊपर चढ़ गया उनके पैरों के बीच में आए फिर टांगो को फैला दिया अब मैंने लंड को















