चूस लो आज मेरी जवानी को” वो कहने लगी खड़े खड़े ही मैंने उसकी उभरी चूची को खूब पीया। फिर दूसरी वाली मुंह में लेकर पिल गया। उसे भी मैंने दाब दाब कर चूसा।“बड़ा अच्छा चूसते हो जान” वो कहने लगी.दोस्तों मेरा दोस्त दिलीप तो साला गांडू था। अच्छी बीबी को कैसे पेलते है जानता ही नही था। विदिशा की दूध को वो अच्छे से चूस भी नही सका था। वो सब जिम्मेदारी मैं ही निभा रहा था। मैं ही चूस चूसकर सब फर्ज निभा रहा था। उसके मम्मे कड़े कड़े और तने हुए थे। जरा भी ढीले नही थे। मैं दूसरी वाली दूध को भी अच्छे से चूस डाला। विदिशा सरेंडर हो गयी थी।““……अई…अई….अई…..इसस्स्स्स्……सूरज!! हिंदी XXX चूस लो आज मेरी जवानी को” वो कहने लगी खड़े खड़े ही मैंने उसकी उभरी चूची को खूब पीया। फिर दूसरी वाली मुंह में लेकर पिल गया। उसे भी मैंने दाब दाब कर चूसा।“बड़ा अच्छा चूसते हो जान” वो कहने लगी.दोस्तों मेरा दोस्त दिलीप तो साला गांडू था। अच्छी बीबी को कैसे पेलते है जानता ही नही था। विदिशा की दूध को वो अच्छे से चूस भी नही सका था। वो सब जिम्मेदारी मैं ही निभा रहा था। मैं ही चूस चूसकर सब फर्ज निभा रहा था। उसके मम्मे कड़े कड़े और तने हुए थे। जरा भी ढीले नही थे। मैं दूसरी वाली दूध को भी अच्छे















