मैंने कहाँ कि वहीं पर बेडरूम में, आंटी ने कहा कि वहां तो बस एक सिंगल बेड ही है ना.मैंने कहा कि आंटी जी उस पर दो जने आराम से ही सो सकते है, मेरी बात पर आंटी ने मुस्कुराते हुए कहा कि अच्छा ओम ठीक है और फिर मुझे आंटी बेडरूम में ले गयी और उसके बाद बेडरूम में जाते ही आंटी ने अपनी साड़ी को उतार दिया और अब उसके बाद वो उस समय ब्लाउज और पेटीकोट में मेरे पास में आकर लेट गयी।अब मैंने देखा कि आंटी के उभरते हुए बूब्स उनके ब्लाउज से बाहर निकलने के लिए तड़पने लगे थे, जिनको देखकर में बहुत चकित हो गया था और आज मैंने मन ही मन में सोच ही लिया था कि कैसे भी करके में आंटी की चुदाई किए बिना उनको नहीं छोड़ सकता और आंटी के वो गोरे मस्त बड़े आकार के उभरे हुए बूब्स को बार बार देखकर अब मुझसे बिल्कुल भी कंट्रोल नहीं हो रहा था।अब मैंने उनसे पूछा कि आंटी जी, अंकल की म्रत्यु के बाद आपने दूसरी शादी क्यों नहीं की? हिंदी XXX तब मैंने कहा कि में आपको प्यार कर रहा हूँ और आज में आपको चोदे बिना नहीं छोडूंगा उसके बाद आंटी ने मुझसे छूटने की बहुत कोशिश की, लेकिन मेरे सामने आंटी की एक ना चली और मैंने आंटी को किस करना चालू















