प्लीस मेरी गांड मारो। घुसा दो अपना पप्पू मेरे छेद में! XXX Hindi तेरी झांट बनानी पड़ेगी” अनिल बोला.“तो बना डालो जान!!” मैं बोली.फिर अनिल ने अपने दोस्त दीपक की शेविंग मशीन ने मेरी झांट बना डाली। मेरी चूत की सब घास को अच्छे से छील डाला। उसे चिकना बना डाला और वेसलीन क्रीम को अच्छे से चूत पर मल दिया। दोस्तों अब मेरी बुर किसी नई नवेली दुल्हन की बुर जैसी दिख रही थी।अनिल देख देखकर ही मजे लूट रहा था। फिर जीभ लगा लगाकर चाटने लगा। मेरी चूत बड़ी गद्दीदार थी और उसकी बीच वाली सीधी लाइन कितनी मस्त दिख रही थी। अनिल देखकर ही पगला गया और जीभ लगा लगाकर चाटने लगा। जैसे बच्चे बर्फ का गोला जीभ लगाकर चूसते है।मेरे जिस्म में तन मन में आग सी लग गयी। मैं “आआआअह्हह्हह… ईईईईईईई… ओह्ह्ह्… अई. चल मेरे लौड़े को फेट” अनिल बोला.मैं हाथ में लेकर फेटने लगी। हम दोनों कमरे में नग्न अवस्था में थे। अब हमे किसी बात का कोई डर नही था क्यूंकि हम लोग अब प्रयागराज में नही थे। दीपक के घर में भी कोई नही था इसलिए मैं अनिल के साथ मजे लूट रही थी। मैं उसका लंड को हाथ में लेकर जल्दी जल्दी नीचे उपर हाथ चलाकर फेटने लगी।फिर मुंह में लेकर चूसने लगी। “….उंह उंह उंह हूँ चूस और चूस अनुपमा डार्लिंग!!” अनिल अपनी आँखे















