वो मुझसे थोड़ा धीरे धीरे धक्के देने की गुहार करने लगी, क्योंकि इस बार उसकी झिल्ली फट चुकी थी इसलिए वो एकदम से अपने दर्द से तड़प उठी थी. हिंदी XXX फिर मुझे अब अपने लिंग पर उसकी योनि की झिल्ली फटने की वजह से गरम खून का अनुभव होने लगा था और में अब एकदम से रुक गया और उसकी आँखों को चूमते हुए उसके आँसू को साफ किया. फिर मैंने अपनी कमर को चलाना शुरू कर दिया और मेरा लिंग धीरे धीरे उसकी योनि में अंदर बाहर होने लगा था.और मेरे कुछ झटको के बाद ही वो भी मदहोश सी होने लगी, उसका दर्द अब धीरे धीरे जा चुका था और वो अब कमसिन आवाज़ें निकाल रही थी. वो काली कलर की साड़ी में बहुत ही खूबसूरत दिखाई दे रही थी.फिर हम दोनों कार में बैठकर मेरे घर की तरफ चल दिए और मेरी नज़र पूरे रास्ते में बार बार उसी पर जा रही थी और फिर घर पर आने के बाद वो थोड़ा सा आराम करके सीधा बाथरूम में नहाने चली गई, क्योंकि वो बहुत लंबे सफर से आई थी, जिसकी वजह से वो बहुत थक गई थी.फिर जब वो कुछ देर तक अंदर ही रही और नहाकर बाहर आने वाली थी तब मैंने खाने का ऑर्डर एक पास के रेस्टोरेंट में दे दिया.















