मेरा दिल भी सीने में ज़ोर ज़ोर से धड़क रहा था.मुझे सिर्फ़ पोलीस के आने का खौफ ही नही था. हिंदी XXX मै सख़्त शर्मिंदगी के आलम में बेड से उतरा और सामने पड़ी हुई एक कुर्सी पर जा बैठा.वसीम खाला मह्नूर के मोटे मोटे नंगे मम्मों पर टूट पड़ा. लेकिन इन हालात में मेरे सर से उन्हे चोदने का भूत उतार चुका था और उनके हिलते हुए नंगे मम्मों को देख कर भी मुझे कुछ महसूस नही हुआ. आआहह… आऊ… आआहह की करना शुरू कर दिया. लेकिन में ये कैसे करता? फिर वो बेड पर लेट गया और खाला मह्नूर को अपने लंड के ऊपर बैठने को कहा. वो मेरी बातों को ठीक से समझ नही पा रही थीं और बगैर सोचे समझे बोलने लगती थीं. उस ने होठों पर ज़बान फेर कर खाला मह्नूर की तरफ देखा. कोई एक मिनिट के बाद वसीम किसी पागल भैंसे की तरह डकराने लगा और उस ने खाला मह्नूर की चूत में खलास होना शुरू कर दिया.इस दफ़ा खाला मह्नूर उस के घस्सों का जवाब नही दे रही थीं मगर जब उस की मनी उनकी चूत के अंदर जाने लगी तो शायद वो खुद पर कंट्रोल ना रख सकीं और फिर उस का साथ देनें लगीं. लेकिन जब दोबारा खाला मह्नूर ने उस के लंड को दाँत लगये तो उस ने नीचे से उनका एक मम्मा












