मैंने यह भी नोट किया कि दोनों के पति अपनी से बिलकुल भी दोस्ताना नहीं थे. अब उर्मिला और सुरभि दोनों ने मुझे बिस्तर पर लिटा दिया.दोनों ने मेरे लिंग को अपने होंठों से चूमना शुरू किया. हिंदी XXX दोनों के पति और तायाजी बहुत खुश है. मैंने उन दोनों के होंठों को खूब चूमा और फिर जोर जोर से चूसा.उन दोनों के ढीले पड़ गए जिस्मों में इससे एक बार फिर हलचल होने लगी. दोनों शादीशुदा. उर्मिला और सुरभि ने अपना दिमाग दौड़ाया. तुम तैयार रहना. मुझे पता नहीं था कि उर्मिला सुरभि को सब कुछ बता देगी.रात को जब मैं सो गया तो ना जाने कब सुरभि मेरे कमरे में आ गई. अब वे दोनों पलंग पर साथ साथ सीधी लेट गई और अपनी अपनी टांगें फैला दी. तुम तैयार रहना. मुझे उर्मिला का इस तरह से देखना अच्छा लगा था. मैं अपने तायाजी के यहाँ मुंबई में पढने के लिए आया था आज से दो साल पहले. सबसे आखिर में एक बात बता रहा हूँ. ये क्या कह रही है उर्मिला भाभी! मैं सारी सारी रात तड़पती हूँ.”मैं उर्मिला की तरफ देखने लगा. उनकी चिंता अलग थी.उन्होंने ओछा कि अगर मैं फेल हो गया तो मुझे वापस घर लौट जाना पडेगा.















