वो भी एक चाची और भतीजे के बीच सब हो रहा था, जो शायद जल्दी से कहीं नहीं होता होगा.फिर मैंने चाची के मम्मों को हौले से दबाया और उनके ब्लाउज के एक एक हुक को बड़े आराम से धीरे धीरे खोले. हिंदी XXX दिन में भी, रात में भी हम दोनों ने खूब सेक्स किया.मैंने चाची की चुदाई उनकी एमसी के समय में खूब की, मतलब एक भी दिन गैप नहीं हुआ. कुछ देर बाद छोटे चाचा चाची को लेने आ गए थे.वो मुझसे बोले- चल चन्दन, हमारे घर भी घूम कर चले जाना.मैंने कहा- ठीक है चाचा.चाचा आगे चल रहे थे, मैं और चाची पीछे पीछे चल रहे थे. उन्होंने अपनी अलमारी खोली, उसमें से कुछ लेकर आईं. चाची के तने हुए गोरे मम्मे काली ब्रा में क्या मस्त आम जैसे लग रहे थे. पता नहीं मुझे कल क्या हो गया था.चाची की बात सुनकर मुझे अजीब सा लगा कि रात को ये मुझसे चुदने के मूड में थीं और अब पता नहीं ये ऐसा क्यों कह रही हैं. हमने काफ़ी देर तक एक दूसरे को किस किया. ऐसा हो जाता है.मैंने उनको चूमा तो चाची फिर बोलीं- अच्छा ये बता तुझे कैसा लगा?मैंने कहा- चाची मुझे तो ऐसा लग रहा था..















