मैने गांड पहले कभी नहीं मरवाई थी इसलिये शुरु में लंड घुसते समय मुझे काफी दर्द का सामना करना पड़ा. हिंदी XXX जीजा जी दीदी का खाना लेकर हॉस्पिटल चले गए. अपनी चूची मैंने जीजा जी के मुँह से लगा दिया था और जिस तरह से वे उसे चूस रहे थे उससे मुझे जबरदस्त उत्तेजना हो रही थी.मैं उत्तेजना में पागल होकर बड़बड़ा रही थी “आआह्ह्ह… जीजा जी… अब आग बुरी तरह भड़क चुकी है. मैने गांड पहले कभी नहीं मरवाई थी इसलिये शुरु में लंड घुसते समय मुझे काफी दर्द का सामना करना पड़ा. ये सब लोग खाना खा कर जल्दी सो जाते हैं. जिसकी मदद से उन्होने मेरी चूत को बुरी तरह मथ डाला था और मुझे सुख की असीम ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया था.“खुल कर बताओ तुम्हे मज़ा आया या नहीं” जीजा जी मुझसे चिपकते हुवे बोले.लेकिन मैं इस बात का क्या जवाब देती. वो बार बार चूत को चूम रहे थे और कभी उसे दांतों से काट लेते कभी उंगलियों से मसल देते. चुदाई का मजा तभी आता है जब दोनों पार्टनर होश में और जोश में हों”.“जीजा जी पहले लाइट ऑफ कर दीजिये” मैने अपनी जांघे मोड़ कर अपनी चूत छुपाते हुवे कहा.“नहीं आज तो लाइट जलती ही रहेगी. इस घर में किसी की हिम्मत नहीं जो मेरे आगे बोले”.















