सर!! हिंदी XXX प्लीज सक माय ऐस्स करते हुए अपनी गांड पानी के अंदर हिलानी शुरु कर दी थी। वो दीवानी हो चुकी थी। उसे रहा नहीं गया तो उसने अपनी चूत में उंगली करते हुए सिस्कारियां लेनी शुरु कर दीं और मुझे अपना लंड हाथ में लेकर उसके सुपाड़े को रगड़ना पड़ा।वो पागल की तरह से अपनी चूत को धकिया रही थी और मैं शांति से उसे ये सब करते देख कर कामोत्तेजक प्रदर्शन का मजा ले रहा था। मुझे अब उसकी गांड में दिलचस्पी थी। उसकी सुडौल गांड पानी के उपर से ज्यादा ही सुडौल नजर आ रही थी और मैने उसकी गांड को चोदने के बारे में सोचना शुरु किया। ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.चूत की मतवाली वो दीवानी रंडी की तरह अपने गांड को मसलने लगी। उसको जाहिर है कि गांड मराने का भी बहुत शौक था। वो घाट घाट का पानी पिये हुई थी और उसको कोई भी गुरेज अपनी चूत मराने में नहीं था चाहे वो कोच हो या आर्गेनाइजर्स मैं जानता था कि इसका कैरियर स्विमिंग में नहीं है पर फिर भी अपनी कामवासना की पूर्ति के लिए मैने उसको एक ब्रेक देना ही था।इसलिए मैंने उसको मुम्बई काम्पिटीशन में भाग लेने के लिए चुना था। इस बार मैने उसे पानी से बाहर निकलने को कहा। वो चेयर के सामने आकर















