मैने सुबह उठ नहाई और नास्ते के टेबल पे गयी वाहा दीदी जीजू और अनुपम पहले से थे.जीजू ने कहा दामिनी आपकी शादी तय हो गई है अनुपम से, अनुपम मेरा फेस देखके मुस्कुराने लगा था पर मैं कुच्छ भी नही बोली मई अपने चचेरे भाई अनिल से शादी करना चाहती थी, अनिल काफ़ी अच्छा लड़का है वो मेरे साथ खेला कूड़ा, पढ़ा लिखा है, देखने मे भी अनुपम से अच्छा है.दीदी समझ गयी बोली दामिनी तुम्हे और कही मूह मारने की ज़रूरत नही है तुम शादी करोगी तो सिर्फ़ अनुपम के साथ बस. हिंदी XXX अच्चानक अनुपम आ गया और मेरा हाथ पकड़ के मुझे अपने कमरे ले जाने लगा.वो काफ़ी शराब पी रखा था और मूह से सिगरेट की भी बू आ रही थी, खिचते हुए कह रहा था चलो दामिनी आज तुम्हरे मैं वही करता हू जो की आज भाभी और भैया कर रहे है, मैं छुड़ाने की कोशिश करने लगी पर वो कस के पकड़ा हुआ था मैने कहा मुझे नही करना ये सब और हाथ छुड़ाने की कोशिश कर रही थी.पर वो काफी नशे में था और बोलने लगा वाहा खड़ी होके तो तू अपना बूब दबा रही थी और मज़े ले रही थी, तो कर ले मेरे साथ अब रियल मे और भी मज़ा आएगा, साली ऐसे भी तू मुझसे ही चूड़ोगी ज़िंदगी भर क्यों की मैं तुमसे















