अब मैं तुझसे खुलकर चुदवाउंगी!!” मामी बोली। फिर हम दोनों बेडरूम में चले गये। मैं और मामी दोनों लोग अब चुदासे हो चुके थे। आज इस बरसात के तूफान में मामी चुदने वाली थी।उसके बाद बिना कहे वो अपना ब्लाउस खोलने लगी और मैं इधर अपना पेंट शर्ट उतारने लगा। कुछ ही देर में हम दोनों पूरी तरह से नंगे हो गये थे। मामी ने अपनी ब्रा और पेंटी भी उतार दी। मामी बेड पर लेट गयी। “बेटा गोपाल तू अँधेरे में मुझे चोद नही पाएगा। दिक्कत होगी। जा लालटेन ले आ!!” मामी बोली।मैं भागकर कहा और लालटेन बेडरूम में ले आया। फिर मैं मामी के पास आकर लेट गया। ओह्ह्ह गॉड!! घर पर कोई है भी नही! XXX Hindi आज देखो मौसम भी कितना बेईमान है!! आराम ने मेरी रसीली चूत पीना!!” मामी ने पहली ही आगाह कर दिया था क्यूंकि मैंने उनकी चूचियों पर बहुत दांत गड़ाए थे।दोस्तों बाहर तो पूरी तरह से तूफान आ गया था। झमाझम बारिश हो रही थी। बिजली कड़क रही थी और ओले [पत्थर] भी गिर रहे थे। बाहर तूफान आ चुका था। मामी ने अपनी टाँगे खोल दी। उफ्फ्फ!! साफ साफ बता??” मैंने पूछा.“दूंगी बेटा दूंगी!! ये ये…क्या कर रहे हो???” मामी घबराकर पूछने लगी.“मामी! बेटा! कितनी खूबसूरत चूचियां थी मामी की।मैंने उनके साड़ी के पल्लू को फिर से गिरा दिया। और तेज तेज उनके बूब्स















