सक माई डिक” वो बोला और मेरे हाथ में लंड दे दिया।दोस्तों दीदी के देवर का लौड़ा 9” लम्बा और 3” मोटा था। इकदम किसी अमेरिकन मर्द के लौड़े जैसा दिख रहा था। मैं घबरा रही थी। पर धीरे धीरे मैंने नवीन के लंड को फेटना शुरू कर दिया। उसके बगल मैं सोफे पर बैठ गयी और हिलाने लगी। मुझे मजा आने लगा।मेरे जल्दी जल्दी फेटने से उसका लंड तो लकड़ी जितना सख्त हो गया था। मैं झुक गयी और लंड को मुंह में ले लिया। फिर जल्दी जल्दी मैंने चूसने लगी। नवीन “उ उ उ उ उ……अअअअअ आआआआ… सी सी सी सी….. हिंदी XXX आज कोई घर पर नही है। बोलो चुदाई करा जाए” वो बोला.“नही!! हूँ… हूँ..हमममम अहह्ह्ह्हह..अई…अई…अई…..”की सेक्सी आवाजे मुंह खोलकर निकाल रही थी। दर्द बहुत हो रहा था। कुछ मिनट तो बिलकुल मजा नही आया। पर नवीन ने मुझे एक सेकंड के लिए नही छोड़ा। जल्दी जल्दी मेरी चूत मारता रहा। मैं रोई भी। काफी देर बार वो आउट हुआ। आधे घंटे बाद जब उसने मुझे फिर से चोदा तब बिलकुल दर्द नही हुआ। मजे लेकर मैंने सेक्स किया। नवीन के लंड पर अब भी मेरी चूत का खून लगा था। अब तो मैं उससे रोज शाम के वक़्त छत पर जाकर चुदवा लेती हूँ।अपने दोस्तों के साथ शेयर करे-















