ऐसा देखकर तो बिचारे के लण्ड से पानी निकल रहा होगा…”बात भी सही थी उनकी, शायद वो ज्यादा अनुभवी थी, इसलिए आदमी की हालत समझती थी। वैसे मेरी भाभी भी कोई कम अनुभवी नहीं थीं, लेकिन वो मजा ले रही थी।मैंने भाभी को बोला- भाभी, आप मत तड़पाओ मुझे, मुझसे अब रहा नहीं जा रहा है।वो बोली- क्यों रहा नहीं जा रहा है? हिंदी XXX जिससे मैं भी तुरंत ही झड़ गया। मैंने उससे पूछा भी नहीं की वीर्य कहां पे गिराऊँ? ये एम॰सी॰ क्या होता है?मनीषा- “वो हर एक औरत को होता है। जब एक महीना होता है तो औरत का बीज बनता है, और अगर बच्चा नहीं ठहरता है, तो एम॰सी॰ में निकल जाता है।लेकिन अगर बच्चा रह गया तो एम॰सी॰ नहीं आता है…”मैं- वो दिखने में कैसा होता है?मनीषा- बस लाल रंग का खून ही होता है, लेकिन उस टाइम औरत को पेड़ू (पेट का नीचे का और चूत के ऊपर का हिस्सा) में दुखता है,मैं- भाभी, भगवान ने ये स्तन बहुत अच्छे बनाए हैं, मर्दों के लिए। दिल करता है की बस दबाते ही रहें और उसमें से दूध पीते ही रहें।मनीषा हँसते हुये- “हाँ वो तो है ही, सभी मर्दो को वही पसंद होता है, औरतों में। वैसे क्या तुमने जूही का दूध पिया?”मैं- हाँ।मनीषा- कैसा लगा?मैं- बहुत मीठा, भाभी क्या आप मुझे अपना दूध पिलाओगी?मनीषा- धत्त… पागल कहीं















