पर प्लीस ड्रग्स तस्करी का केस मत बनाओ!!” मैंने उससे कहा।उसके बाद धीरे धीरे वो मुझे नंगा करने लगा। धीरे धीरे उसने मेरी जींस और टॉप निकाल दिया। अब मैं उसके सामने नंगी हो गयी थी और सिर्फ लाल रंग की ब्रा और पेंटी में थी। राठौड़ ने मुझे पकड़ लिया और मेरे होठो पर किस करने लगा।उस समय जेल में सारे कैदी सो रहे थे और मैं इधर कसके चुदने वाली थी। राठौड़ ने खड़े खड़े ही मुझे पकड़ लिया था और मेरे रसीले होठ चूस रहा था। उसे मैं बहुत हॉट और सेक्सी लग रही थी। मैं बहुत मस्त चोदने पेलने लायक सामान थी।मुझे सही सही नही मालुम था की वो मेरी चूत मारेगा या गांड मारेगा। उधर मेरा भी चुदने का मन कर रहा था। राठौड़ खड़े खड़े ही मेरे होठ चूस रहा था। उसने कन्धो से मुझे कसकर पकड़ रखा था। कुछ देर बाद उसने मेरी ब्रा और पेंटी भी निकाल दी। अब मैं उसके सामने पूरी तरह से नंगी थी।राठौड़ ने मुझे मेरी चौकी पर लिटा दिया। दोस्तों जेल में सीमेंट का एक चबूतरा जैसा बना होता है जिसे चौकी कहा जाता है। इस पर कुछ नही होता है और कोई बिस्तर नही होता है। और सारे कैदियों को इसी पर सोना पड़ता है। जेलर राठौड़ ने मुझे इसी सीमेंट के चबूतरे पर लिटा दिया और अपनी















