वो तो १८ साल की जवान सामान थी. XXX Hindi अंकल तरह तरह की बुरी बुरी गालियाँ मेरी माँ को दे रहे थे. मेरी आवारा छिनाल माँ ने मेरी बहन सौम्या के सारे कपड़े निकलवा दिए थे. मेरे बगल मेरी जवान कड़क माल बहन लेती सो रही थी. ‘भाभी जान !! मैं कुछ समझ नही पाया. जीतेन्द्र अंकल का लौड़ा तो किसी मशीन की माँ को को बड़ी जल्दी जल्दी चोद रहा था.लग रहा था जैसे कोई साइकिल चल रही हो. मेरी भूख गायब हो गयी. धीरे धीरे मेरी बहन सौम्या भी गर्म हो गयी. वो नही नही कहने लगी. वो नही थी. चाचा हपर हपर करके उसको ताकत से ठोकते रहे. मैं सोचा की सायद अंकल रात में पढ़ रहे होंगे. आपने कहा था की आप मुझे इनाम देंगी !! अभी तो आपकी शादी भी नही हुई. मैं कुछ समझ नही पाया. मैं ध्यान से रात के सन्नाटे में आवाज सुन रहा था.फाड़ दो !! अभी तो आपकी शादी भी नही हुई. जीतेन्द्र अंकल ने मेरी माँ के दोनों टांग किसी छिनाल की तरह खोल दिए. अभी तक वो अनचुदी थी. कुछ देर सौम्या का दर्द गायब हो गया और वो कमर उठा उठाकर चुदवाने लगी. वो लौड़े को हाथ से फेट रहे थे.जब अंकल ने मेरी जवान बहन को नंगी देखा तो मचल गए.















