देसी चुदाई की भूखी रंडी

तुम ऐसे में क्या उस के साथ चुदाई और मस्ती करते?” मेरा दिमाग भी दीक्षा की देखा-देखी खुराफाती होने लगा था, और चूंकि लौड़ा खड़ा होकर मुझे और भी खुराफाती सोच सुझा रहा था।मैं बोला “ख्याल तो ज़रूर आया था, मगर हिम्मत होती नहीं, यह सोच कर कि अगर शिकायत कर दे तो मेरा क्या होगा?” “हट डरपोक कहीं का।” पहली बात तो वो शिकायत करती ही नहीं, बल्कि उसके मन में तो गुदगुदी होती यह सोच कर कि एक हैंडसम लड़के का दिल उसपे आ गया है, और उसे चोदना सिखाने में बड़ा मज़ा आएगा। और पड़ोस में रहता है, जब मर्ज़ी हुई इशारे से बुला कर मज़े कर लूंगी।दूसरी बात, अगर शिकायत का ख्याल आता भी तो किसके पास जाती? हिंदी XXX कोई पर्दा भी नहीं रहेगा मेरी तरफ से हमारे बीच, और मैंने भी मस्तराम के बारे में सुना है, मुझे भी वो किताबें पढ़नी हैं बस अकेले में तुम्हारे साथ।मुझे तो ज़रा भी शर्म या झिझक नहीं हुई तुमसे यह कहने में। हम सब फ्रेंड्स भी आपस में कभी कभी ‘चूतिया मत बना यार’ जैसी बातें भी करती हैं। मैं अपनी क्लास में कई लड़कियों को जानती हूँ जो अपने बॉय-फ्रेंड्स से रेगुलरली अपने या उनके घर पर रोज़ मौज-मस्ती भी करती हैं।फिर क्या तुम्हारी क्लास में ऐसे लड़के नहीं है जिन्होंने कई लड़कियों को फंसा रखा है?

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