मैं उसको पेलना, और चोदना चाहता था. वो भोलेपन से बोली.मेरा उसको लेने का और मन था. XXX Hindi वो भोलेपन से बोली.मेरा उसको लेने का और मन था. मैं निशा को ले रहा था. चुदवाने से उसकी छातियों में और रस भर रहा था. कुछ देर बाद वो शिथिल पड़ी. चुदवाने से उसकी छातियों में और रस भर रहा था. College Lover XXXटैक्सी स्टैंड से महात्मा गांधी रोड जाने वाले टैम्पो में मिलती थी. उसकी वो बिसलरी के पानी से धुली धुली आँखें बहुत ही चमकदार लग रही थी.उसकी आँखों की पलकें भी बड़ी शानदार थी और मोर के पंख जैसी खूबसूरत पलकें थी उसकी. निशा की बुर के मैंने दर्शन किये. उसकी आँखों और खूबसूरत पलकों में मैं डूब गया. महात्मा गांधी रोड पर उसका और मेरा दोनों का डिग्री कॉलेज था. गजब का चोदने खाने वाला सामान थी वो. मैंने उस घनी घनी झाड़ी में निशा के दोनों पैरों को खोल रखा था. कुछ देर बाद वो शिथिल पड़ी. मुझे बड़ा नशीला नशीला सा पुरे जिस्म मे लग रहा था. सायद् वो शर्म कर रही थी.उसका मुँह लाल लाल हो गया था. इतनी मस्त सुंदर लौंडिया अगर चुदी हुई ना हो तो क्या फायदा.















