चूंकि वो विवश थी, पर थोड़ा और प्रयास करने पर लंड आधा जा चुका था और लंड ने बड़े प्यार से गांड के अन्दर अपनी जगह बना ली थी। इस तरह करते-करते मेरा पूरा लंड सौम्या की गांड के अन्दर धंस चुका था।मैं सौम्या की पीठ पर लेट गया और उससे बोला- कैसा लग रहा है?वो बोली- अगर निकाल लो तो मेरा दर्द खत्म हो जायेगा।‘जान चिन्ता मत करो, जिस तरह तुम्हें बुर की चुदाई का मजा मिला है, उसी तरह तुम्हें गांड चुदाई का मजा मिलेगा।और वास्तव में जब लंड ने पूरे गांड में जगह बना ली और आसानी से अन्दर बाहर होने लगा, तो सौम्या को भी मजा आने लगा। अब वो दर्द से चिल्लाने के बजाये आह-ओह, आह-ओह करने लगी और तब तक करती रही जब तक कि मैं उसकी गांड में झड़ नहीं गया।उसके बाद सौम्या मुझसे चिपक गई, उसकी गांड मेरे लंड से टच कर रही थी, उसकी पीठ मेरे सीने से और मेरे दोनों हथेलियां उसकी चूचियों पर थी. XXX Hindi चूंकि वो विवश थी, पर थोड़ा और प्रयास करने पर लंड आधा जा चुका था और लंड ने बड़े प्यार से गांड के अन्दर अपनी जगह बना ली थी। इस तरह करते-करते मेरा पूरा लंड सौम्या की गांड के अन्दर धंस चुका था।मैं सौम्या की पीठ पर लेट गया और उससे बोला- कैसा लग रहा है?वो बोली-















