पर हमउम्र होने के कारण मैं मौसी से मजाक भी करता था. हिंदी XXX मैं गया और आज पास से फूलनदेवी मौसी की बड़ी सी विशाल चिकनी मांसल पीठ देखी. मेरा लौड़ा बार बार मुझे ये बता रहा था. फूलनदेवी मौसी के गाल में हल्के हल्के गड्ढे थे जो सिर्फ पास से देखने पर ही दिखते थे. मैंने अपनी फूलनदेवी मौसी के साथ ही चुदाई फिल्म देखने लगा.कुछ ही देर में मेरा मौसी को चोदने का मन बन गया. उनकी चूत में अच्छी खासी झांटे उग आई थी. मौसी जानती थी की जब कोई जवान लडकी पहली बार चुदती है तो बड़ी जोर का दर्द होता है. पुरे मन से गहराई में उनकी बुर पी मैंने. पर हमउम्र होने के कारण मैं मौसी से मजाक भी करता था. पहन भी लिया था पर पीछे से जिप नही लगा पा रही थी. मेरा उनसे खूब मजाक चलता था. सायद मेरी आँखों के द्वारा देखी गयी सबसे खूबसूरत चीज. खूब बड़ी सी चूत थी फूली फूली. फूलनदेवी मौसी के गाल में हल्के हल्के गड्ढे थे जो सिर्फ पास से देखने पर ही दिखते थे. उन्होंने मजे से वो चुदाई फिल्मे देखी. वो मेरी माँ के साथ मार्किट जा रही थी.उन्होंने बहुत ही सुंदर फ्रोक सूट निकला था. मेरे पास तारीफ़ करने को शब्द नही है. मेरी नानी को नाना ने खूब चोदा था. मौसी के होठ










