वे माया के ऊपर एक कटी हुई पतंग की तरह गिर गए. हिंदी XXX दोनों की जीभ एक-दूसरी से लड़ने लगीं. पिछले माह उनके बेटा हुआ था.जच्चा के कमजोर होने के कारण अंजलि को एक महीने और वहां रुकना था. अंजलि थी ही इतनी खूबसूरत! पर अश्विनी को इस गर्मी का कोई एहसास नहीं था. उसने अश्विनी की जाँघों को अपनी जाँघों के नीचे दबाया और उन्हें उछलने से रोक दिया. उसकी नज़रें शर्म से झुकी हुई थीं. वो बीमार रहता है क्या?’’‘‘बीमार काहे का? पहले मुझे अपना काम तो कर लेने दो.”“काम की क्या जल्दी है? … तबियत खराब है?’’दर्द का अभिनय करते हुए अश्विनी ने कहा, “सर में बहुत दर्द है.”“आपने दवा ली?”“हां, ली थी पर कोई फायदा नहीं हुआ. जब उसे यकीन हो गया कि अब लंड से काम लिया जा सकता है तो उसने अश्विनी को पलंग पर लेटने को कहा. … तबियत खराब है?’’दर्द का अभिनय करते हुए अश्विनी ने कहा, “सर में बहुत दर्द है.”“आपने दवा ली?”“हां, ली थी पर कोई फायदा नहीं हुआ. … तभी दरवाजे पर दस्तक हुई तो अश्विनी की नींद खुल गई. उसके अन्दर आने पर अश्विनी ने दरवाजा बंद कर दिया.जबसे उनकी पत्नी अंजलि गई थी वे बहुत अकेलापन महसूस कर रहे थे. उन्हें बेचैन देख कर उसने पूछा, ‘‘बाबूजी, क्या हुआ?















