मैं उनसे सीनियर थी. XXX Hindi मुझे लग रहा था कि मेरा दिल अभी मेरे मुँह के रास्ते बाहर आ जायेगा.जरा सा रुकने के बाद अनमोल ने एक झटके से अपना पूरा का पूरा लंड बाहर खींच लिया. मुझे बहुत अच्छा लग रहा था. इतना कह कर अनमोल उठा और मेरे ऊपर 69 की पोजीशन में हो गया. मुझे जरा सा भी एतराज नहीं है और ना ही मैं तुम्हें मना करूँगा. थोड़ी देर बाद अनमोल ने एक उंगली मेरी चुत में डाल दी और अन्दर बाहर करने लगा.अब मुझे खूब मजा आने लगा. मैं उनसे सीनियर थी. मैंने उसके लंड को धीरे धीरे सहलाना शुरू कर दिया. मेरी चुत और ज्यादा गीली हो गई. भावेश का एक छोटा भाई भी था, अनमोल. थोड़ी देर बाद मैंने कहा- अब जाओ, नहा लो.वो बोला- नहीं और सहलाओ.मैं उसका लंड सहलाने लगी.वो बोला- चुदवाओगी?मैंने कहा- नहीं.उसने पूछा- क्यों? हम दोनों एक दूसरे के लंड के बारे में अच्छी तरह जानते हैं. अनमोल एम. मैंने भी जोश के मारे उसके होंठों को चूमना शुरू कर दिया. फिर कॉलेज से वो 3 बजे वापस आ जाता था. अभी तो कह रही थीं कि चुदवाओगी… अब कह रही हो.. जोश के मारे मेरी चुत गीली होने लगी.















