फिर हम थोड़ी वक़्त ऐसे ही रहे ओर अपने कपड़े ठीक किए जब बाहर आए तो देखा की उसका स्टेशन नज़दीक आ गया था ओर हम अपनी सीट पे आकर बैठ गये. फिर मेने उनसे बात करना चालू किया, तो मालूम पड़ा की वो यशवंतपुर की रहने वाली थी.ओर थोड़ा यहाँ वहाँ की बाते की ओर मुझे नींद आने लगी तो में वही अपने पैर लंबे कर के सो गया ओर परदा लगा लिया. XXX Hindi मन तो कर रहा था की वही पकड़ कर चोद दूं पर में अपने आप पे कंट्रोल किया ओर बैठ गया. मेरी हालत खराब हो गयी थी.मेने सॉरी बोला वो एक गुस्से से बाथरूम की तरफ चली गयी, जाते वक़्त उन्होने मुझे इशारा किया पीछे आने को मे तो डर गया की अब क्या करेगी वो. थोड़ी ही टाइम के बाद जब मेरी आँख खुली तो मेने देखा की भाभी भी सो गयी है ओर मेरा थाइस उनकी गांड को टच कर रहा था क्यू वो विंडो की तरफ़ मूह करके सोई थी ओर अपने बच्चे से लिपटी हुए थी.उनका पैर मेरे छाती को टच हो रहा था मेने सोचा ये अच्छा मौका है. मे जल्दी से अंदर गया ओर लॉक कर दिया.वो मुझे बोलने लगी की में कब की प्यासी हूँ सेक्स की मेरी प्यास बुझाओ ना प्लीज़ देर मत करो.















