फिर किस तोड़ने के बाद मैंने उसके ब्लाउज के बटन खोल दिए, उसने ब्रा नहीं पहनी थी और अब उसके बूब्स नंगे हो गये और उसके बूब्स ब्लाउज के अन्दर छोटे दिखते थे, लेकिन यह तो बहुत बड़े थे.फिर में उसके बूब्स को चूसने लगा और दूसरे बूब्स को मसलने लगा, उसके बूब्स बहुत ही नरम थे, जैसे कोई रुई का गोला हो. हिंदी XXX उस समय रागिनी चाची अंदर के रूम की साफ सफाई कर रही थी और में अपने टी.वी. देख रहा था और उस समय घर पर सिर्फ़ रागिनी चाची थी, क्योंकि चाचा जी ऑफिस गये हुए थे और उनका लड़का दिन की शिफ्ट में स्कूल गया था. फिर मैंने उसको बेड पर लेटा दिया और वो अभी भी कांप रही थी. मेरे साथ सेक्स करके उसने अपनी 2 साल की दबी हुई प्यास को शांत कर लिया था. फिर में उसको बेडरूम में ले गया और उसकी साड़ी निकाल दी, वो पूरी तरह से कांप रही थी और उसके मन में अजीब-अजीब से विचार आ रहे थे तो वो उत्तेजित भी थी, लेकिन वो बार-बार यह ठीक नहीं है, हमें यह नहीं करना चाहिए आदी बोल रही थी, लेकिन वो पूरी तरह से विरोध भी नहीं कर रही थी.फिर मैंने अपनी टी-शर्ट उतार दी और अब वो अपने ब्लाउज और पेटिकोट में थी.















