मेरा तुझे चोदने का बड़ा मन है!!” मैंने उससे कहा.“पर..निलेश चोदोगे कहाँ??” अंकिता बोली.“जान…वो सामने रेस्टोरेंट देख रही हो..वहाँ जुगाड़ से कमरे का इंतजाम हो गया है” मैंने कहा.उसके बाद मैं अपनी गर्लफ्रेंड प्रिया की बहन को कमरे में गया और हम दोनों प्यार करने लगे। कुछ ही देर में मैंने उसका टॉप और जींस निकाल दी। अंकिता अभी एक बार भी चुदी नही थी। मैंने उसकी काली रंग की ब्रा और पेंटी निकाल दी। दोस्तों, वो पूरी तरह से कुवारी माल थी।उसके दूध जादा बड़े नही थे, २८” के रहे होंगे पर मुझे पूरा आनंद आया। उसके स्तन छोटे छोटे थे, इसलिए आराम से मेरा मुँह में समा जाते थे। जिस तरह मैं प्रिया के दूध पिये थे और उसको चोदा था, वो रसीली यादे आज फिर से ताजा हो गयी। एक नई लड़की और उसकी नई मीठी चूत।मैंने बार बार अंकिता के दूध पीता, फिर उसके होठ पीता। बड़ी देर तक यही खेल चलता रहा। जहाँ प्रिया ६ फुट लम्बी थी, वही अंकिता का कद कम था। वो बस ५ फुट २ इंच की थी। उसके कुवारे स्तन पीने के बाद मैंने उसके पतले पेट को चूमने लगा और उसकी सेक्सी नाभि से खेलने लगा। बड़ा गर्म जिस्म था उसका।दोस्तों कुछ ही देर में मैं अंकिता की चूत पर आ गया और चूत पीने लगा। आह .कितना मस्त नशीला स्वाद















