लाल लाल नयनतारा की चूत की फांकों की खूबसूरती देखते ही बनती थी. हिंदी XXX नयनतारा बिलकुल फूल की तरह थी.जिस तरह से वो जूडा बांधती थी बिलकुल माल लगती थी. वो मुँह खोल खोलकर आहें भरने लगी और गर्म गर्म सासें मुँह खोलकर छोड़ने लगी. पता नही लड़कियां चुदते समय अपनी मम्मी को ही क्यों याद करती है. ‘बेटा अनंत! दुसरे दिन फिर से परेड, पीटी, स्काउट प्रार्थना और सासंकृतिक कार्यक्रम हुए.मैंने नयनतारा को आँख मारी और उसी सूनसान जगह आने को कहा. जब कोई मुझसे पूछता की ‘अनंत!! नयनतारा पेट के बल घास पर लेती थी. और जोर जोर से हाथो से दबाने लगा. सिर्फ आधा घटने का ब्रेक मिला है!!’ आकाश बोला.मैंने तुरंत नयनतारा को एक नर्म घास पर लिटा दिया. बिलकुल रसीली छमिया हो गयी है. बड़ी देर तक किसी नाली साफ़ करने वाले की तरह मैं नयनतारा की गांड में ऊँगली करता रहा.फिर मैंने अपना खड़ा लंड उसके गांड के छेद पर रखा और जोर से धक्का दिया. मैं उसके क्लिटोरिस को ऊँगली के पोर से घिसने लगा. मैंने शुरू से ही नयनतारा को पसंद करता था. वहां पंहुचा तो देखा की ८ ९ जोड़े गपागप चुदाई में मस्त है.















