वो अपने आप को अपने जीवन साथी के लिए बचा कर रखना चाहती थी. अक्षरा कि चूत से शैलेश का वीर्य और उसकी अपनी चूत का पानी बाहर बह कर आने लगा. XXX Hindi और उसे इस बात से कोई शिकायत नहीं थी. ताकि जब भी तुम जैसी कोई मिले उसे जीवन का पूरा मज़ा दे सकूं.”“और कितने रिश्तेदार शामिल होते हैं इस समारोह में?”“अब चाचा का तुम्हें पता ही ही है. शैलेश ने इसी बीच अपना लंड निकाल लिया और उसे पलट के अपनी गांड उठाने को बोला.अक्षरा थोडा डर गयी. इसी बीच उसकी सासू माँ उसकी चुंचियां दबाने लगीं. अक्षरा भी झड रही थी. उसे कुछ ऐसा करना होगा कि तीनों भाई मिल जुल के रहें और उसे बहुत माने. सब इकट्ठे ले नहीं पाओगी” शैलेश ने बोला.“आप ठीक कहते हो” अक्षरा ने बोला.इस परिवार की इस सारी चर्चा पर अक्षरा कि चूत में एक अजीब सी सरसराहट होने लगी . अक्षरा ने शैलेश के सुडौल शरीर को देखा. उसने अपनी गांड को उठा कर जैसे रमाकान्त के लंड को निमंत्रण दिया. वह उसे और प्रेशर लगा के चूसने लगी. बड़ा आनंद आ रहा था. वह उसे और प्रेशर लगा के चूसने लगी. उसने गपाक से चाचा जी का लंड अपने मुंह में ले लिया और उसके लेमन चूस कि भाँति चूसने लगी.अक्षरा ने शैलेश के तरफ देखा.















