इस बार मुझे उन्हें रोकने का जरा भी मन नहीं हो रहा था. आंटी एक बहुत ही सिंपल और रिलीजियस टाइप की महिला थी जो मेरा बहुत ख्याल रखती थी. XXX Hindi उनकी बालो से भरी चेस्ट को अपने शरीर से टच होने का एहसास आज भी याद है मुझे. अंकल मुझे हग किये खड़े रहे और पता नहीं कैसे मैंने भी धीरे से अपने हाथ उनकी कमर पे कस लिए. थोड़ी देर में मुझे अपने कंधे पे अंकल की उंगलियां धीरे-2 रेंगती हुई महसूस हुई.लेकिन मैं सपने में भी नहीं सोच सकती थी की ये किसकी शुरुआत है. उनकी बालो से भरी चेस्ट को अपने शरीर से टच होने का एहसास आज भी याद है मुझे. और अचानक ही उन्होंने मेरे को अपनी बाहों में ले लिया और मेरे गाल पे एक किस कर दिया. अंकल मेरी चुप्पी को मेरी परमिशन समझ रहे थे. मेरे बूब्स को देखने के बाद अंकल बोले “पिंकी तुम बहुत सुन्दर हो”. धीरे-धीरे समय बीतने लगा मैं वहां ठीक से एडजस्ट हो गयी थी. मेरे बूब्स को देखने के बाद अंकल बोले “पिंकी तुम बहुत सुन्दर हो”. हो सकता है की वो शायद सही में अनजाने में ही हाथ रख रहे हो और जब उन्हें पता चलेगा की मैं उनकी इस एक्टिविटी के कारण चली गयी तो उनको कितनी गिल्ट फील होगी. अंकल एक सड़क छाप कुत्ते की















