पापा मस्ती में बहुत बुरा लगे लागे आआआअह्हह्हह्हह्हह्हह्ह मेरी जान क्या कर रही हो गुदगुदी होती है.मैं ; डार्लिंग जब मेरी चुची चुस्ते ही क्या तब मुझे गुदगुदी नहीं होती.और पापा के निप्पल को अपने होठों पर दबा कर खींचने लगी तो पापा मस्ती में आअह्ह्ह्हह्ह्ह्ह आह्ह करते बोला निशी ऐसा मजा मुझे पहले कभी नहीं तुम्हारी मम्मी ने कभी ऐसा नहीं किया तो मैं अपना चेहरा ऊपर उठा कर उनकी आंखो में देखती बोली, लगता ही है अभी भी आप दिल मैं वो ही है मैं नहीं.पापा; नहीं मेरी बस ऐसे ही उसकी याद आ गई आख़िर वो तुम्हारी माँ थी.मैं ; नहीं अब वो मेरी मां नहीं है वाई अब मेरी सौतन है और मैं अपने जानू के दिल से अपनी सौतन को बाहर निकाल कर ही रहूंगी।पापा भी समझ गए कि कोई औरत अपने पति के मुंह से किसी औरत का नाम सुनाना पसंद नहीं करती पापा ने बात बदलते बोले यार आज बड़ा मजा आ रहा है आअहहहहहहहहहहहहहहह। पापा के इस तरह सिसक कर मजे से बोलना पर मैंने अपने सिर ऊपर उठाया और पापा की आँखें देख कर मुस्कुराती हुई फिर से अपने होठ पापा के निप्पल पर रख दिये और धीरे धीरे पापा के निप्पल को अपने दांतों से काटने लगी।और जैसे है मैं पापा के निप्पल को जोर से कट ती पापा गाल पड़ते और















