और फिर उन्होंने माँ के चूची के ऊपर किश कर लिये माँ चुपचाप खड़ी थी, वो माँ की जिस्म को छेड़ रहा था. हिंदी XXX और माँ के बालों को सूंघते हुए बोले की क्या खुशबु है, कौन सा शेम्पू लगाई हो. मुझे आजतक हिम्मत नहीं हुई की मैं अपनी माँ और पापा को पूछ सकूँ की क्या माजरा है?अपने दोस्तों के साथ शेयर करे- फिर मम्मी एक छोटा सा बेग लेके जा रही थी. माँ के हाथ में चूड़ियां गड रही थी. मुझे कुछ भी समझ नहीं आता था. वो चोदते रहे, थोड़े देर बाद वो निढाल हो गए, और माँ के ऊपर ही लेट गए. पर मेरे घर के खर्चे बहूत थे. तो मेरी माँ बोल तुम तो हरामी हो. हम दोनों बहने सरकारी स्कूल में पढ़ने जाया करते थे. दोस्तों मैं दूकान से वापस आ गई पर दरवाजा वैसे ही बंद था, पापा वही बाहर घूम रहे थे.मैंने कहा क्यों पापा आप बाहर हो. मुझे लगा की दाल में कुछ काला है.और मैं तुरंत भी पापा को बोली की मैं खेलने जा रही हु, और मैं दूर बस स्टॉप के आसपास दूसरे गली होते हुए पहुच गई. वो कह रही थी चूड़ी से दर्द हो रहा है. और करीब १० मिनट बाद आई. वो मेरे पापा के कंधे पर हाथ रख कर बोले, थैंक्स.















