मैने उनसे कहा- सर हम लोगों से क्या गलती हुई है. XXX Hindi मैं उपर के रूम मे बंद था और खिड़की के शीशे से नीच देखा रहा था. अंशिका की आँखें चढ़ी हुईं थी जैसे बहुत दारू पी रखी हो. और फिर मुझे भगा दिया.मैं बस किसी तरह अंशिका को लेके वापिस आ गया. हम सबको मस्त कर दिया. मेरा शरीर दर्द हो रहा है.मैने कहा- कुछ नहीं हुआ है. यही सोच विचार करते मैने सिग्रेट जला ली और वहीं खड़े एक आदमी से बात करने लगा.अचानक 10 मिनट के बाद मुझे ध्यान आया की अंशिका कहाँ है वो तो अभी तक आई ही नहीं… पहले मैने ढाबे के चारो तरफ देखा… कहीं नहीं थी… फिर मैं भाग के वहीं गया जहाँ वो पेशाब करने गयी थी… खेतों मैं बहुत अंधेरा था मैने काफी अवाज़ दी और बहुत ढूंढा मगर वो कहीं नहीं मिली..मैं भाग के ढाबे के पास आया और लोगो से अंशिका का हुलिया बता के पूछने लगा की कहीं किसी ने देखा है…. तभी अंशिका ने अपना टॉप उतर दिया. पर अंशिका नहीं मान रही थी, रो रही थी और उनको मना कर रही थी. ये आवाज़ हवेली के अंदर से आ रही थी और वो भी किसी लड़की की. वैसे कहाँ से आया है तू?मैने कहा- दिल्ली से और राजस्थान घूमने जा रहा था. पर उस लड़की का फेस















