इसके बाद मैं पूरे ज़ोर से माँ को चोदने में लग गया.मैं इतना उत्तेजित था कि जितना कभी जिंदगी में नहीं हुआ मेरे तन कर खड़े लंड में बहुत सुखद अनुभूति हो रही थी और मैं उसका मज़ा लेता हुआ अम्मा को ऐसे हचक हचक कर चोद रहा था कि हर धक्के से उसका शरीर हिल जाता माँ की चुनमूनियाँ के रस में सराबोर मेरा शिश्न बहुत आसानी से अंदर बाहर हो रहा था.हम दोनों मदहोश होकर ऐसे चोद रहे थे जैसे हमें इसी काम एक लिए बनाया गया हो माँ ने मेरी पीठ को अपनी बाँहों में कस रखा था और मेरे हर धक्के पर वह नीचे से अपने नितंब उछाल कर धक्का लगा रही थी हर बार जब मैं अपना शिश्न अम्मा की योनि में घुसाता तो वह उसके गर्भाशय के मुँह पर पहुँच जाता.उस मुलायम अंदर के मुँह का स्पर्श मुझे अपने सुपाडे पर सॉफ महसूस होता अम्मा अब ज़ोर ज़ोर से साँसें लेते हुए झडने के करीब थी जानवरों की तरह हमने पंद्रह मिनट जोरदार संभोग किया फिर एकाएक माँ का शरीर जकड गया और वह काँपने लगी. हिंदी XXX रात को सब सो जाने के बाद अम्मा वही साड़ी पहने मेरे कमरे में आई आज वह दुल्हन जैसी शरमा रही थी मुझसे लिपट कर बोली “अमित, आज यह मेरे लिए बड़ी सुहानी रात है, ऐसा प्रेम कर बेटे कि















