मुझे छोड़ना चाहती है तो छोड़ दे, पर मैं मिजेस सक्सेना से इश्क लडाता रहूँगा और उसकी मस्त लाल चूत में लंड डालता रहूँगा!” उपेन्द्र बोला.ये सुनकर मैं बहुत रोई। मैंने अपनी माँ और बापू को उपेन्द्र के बारे में बताया। मैंने ये भी बताया की मैं अब उस आदमी के साथ नही रहूंगी तो रात पराई औरतों के साथ बिताता हो। इस पर मेरी माँ ने कहा की बेटी तो मायके लौटकर आएगी तो लोग तरह तरह की बात करेंगे।उपेन्द्र चाहे जैसा हो तुझे रोटी तो देता ही है ना” माँ बोली। उनकी बात सुनकर मैं समझ गयी की अगर मैं मायके चली जाऊँगी तो कहीं उन भर भोझ ना बन जाऊं। कुछ दिन तक लगातार रोने के बाद मैंने आखिर में उसी कमीने आदमी के साथ रहने का फैसला कर लिया जो अपनी बीबी को नही चोदता था और पराई औरतों से इश्क लड़ाता था। “Desi Naukrani Sath Sex”एक दिन मेरे मालिक श्रीवास्तव जी ने मुझसे पूछा की मैं क्यों दुखी दुखी रहती हूँ तो मैंने उनको सब सच सच बता दिया। धीरे धीरे मेरे पति ने मेरे साथ रात में सोने से भी मना कर दिया और वो दूसरे कमरे में जाकर सोता। कई बार जब उसके मालिक मिस्टर सक्सेना विदेश चले जाते तो मेरा पति रात उनकी बीबी के साथ ही बिताता और खूब मजे मारता।मैं यहाँ रात















