..बाप रीईईई… मर गयी मई…. हिंदी XXX हर धक्के के साथ फॅक-फॅक की आवाज़ आनी शुरू हो गयी. “जीजू, आज आपने अपनी साली को वो सुख दिया है जिसके बारे मे मैं बिल्कुल अंजान थी. वो मेरे लॅंड को मूह मे लेकर आइसक्रीम की तरह मज़े से चूसने लगी.मेरे पूरे शरीर मे हाई वोल्टेज क़ा करंट दौड़ने लगा. मैं बोला.मुझे भी बहुत मज़ा आ रहा है साली. बहुत आराम मिल रहा है.” मैने उसे पीठ पर हाथ फेरते हुए कहा.थोड़ी ही देर मे मेरा पूरा जिस्म वासना की आग मे जलने लगा. आज तुमने मुझ से चुदवा कर बहुत बड़ा उपकार किया है..हा..साली..तुम्हारी चूत बहुत टाइट है..बहुत मस्त है..तुम्हारी चूची भी बहुत कसी कसी है.ओह्ह.बहुत मज़ा आ रहा है.कामिनी अपने चूतड़ उछाल-उछाल कर चुदाई मे मेरी मदद कर रही थी. तुम इसके दर्द को नही समझोगी तो कौन समझेगा?” मैने इतनी बात बड़े ही मासूमियत से कह डाली.लेकिन जीजू, मैं तो आपकी साली हू. घर पहुचने पर कामिनी ने दरवाजा खोला. करीब 10 मिनट तक हम जीजा- साली ऐसे ही एक दूसरे को चूसते चाटते रहे. ओ..ऊ… ओ..ऊओह ..आ बहुत मज़ा आआअरहा है… और रगड़िए जीजू…तेज तेज रगड़िए….”वो मस्ती से पागल होने लगी थी और अपने ही हाथो से अपनी चूचियो को मसलने लगी थी.















