भाग 1, अपनी गणित की मैडम की चूत चाटी/ खास मेहमान बोल्ट जोन्स

फिर रात को खाना खाकर सब सो गए। अगली सुबह-भाभी – उठिए बाबू सुबह हो गई, चाय ठंडी हो जाएगी (इतना कहकर भाभी ने मेरे शरीर से चादर खीच लिया).चादर हटते ही उनके सामने मेरा खडा लंड आ गया जो पैंट से बाहर था (रात को मुठ मारने के बाद मैने लंड को पैंट के अंदर नही डाला था तुरंत नींद आ गई थी). XXX Hindi ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.और वो इस तरह धीरे से रगडती की मेरी नजर ना पडे लेकिन मै सब देखकर अंजान बने रहना चाहता था। काकी पूरी तरह गरम हो चुकी थी पर वो इस बात को जताना नही चाहती थी। वो फिर से फसल काटने लगी और मै आकर उनके दाहिने तरफ बैठ गया।काकी- देख बेटवा सूरज सिर पर चढे जा रहा है और अभी तक एक तिहाई फसल भी नाही कटी है.मै- काकी हो जाएगा आप चिंता मत किजिये.(इतने मे वही गाय जो थोडी देर पहले चुदवा रही थी वो खेत मे घुसने लगी.)काकी – बेटवा ये कहा घुसी चली आ रही है जरा हाक तो इसे वरना फसल नुकसान कर देगी.मै – हा काकी अभी हाकता हू इसे.(और मै उठकर उसे भगाने लगा और थोडी देर बाद आकर फिर बैठ गया.)मै – काकी एक बात पूछू.काकी- हा बेटवा पूछ.मै – काकी ये वही गाय है ना जो बाहर बैल

भाग 1, अपनी गणित की मैडम की चूत चाटी/ खास मेहमान बोल्ट जोन्स

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