Free Hindi XXX Storyवो काफी खूबसूरत है लेकिन मेरे नन्दोई उनसे भी सूंदर हैं. XXX Hindi क्योंकि अंधेरे के कारण आँखों से कुछ देख पाना संभव नहीं था. मैं सिसकारी लेकर अपने नन्दोई से लिपट पड़ी. हम दोनों ने साथ साथ खाना खाया. “तुम सफर में थक गई होगी जा कर बैडरूम में आराम कर लो”. ये कहानी आप हमारी वासना डॉट नेट पर पढ़ रहे है.जीजा जी ने जब अपना लंड मेरी चूत पर रखा और कुछ देर के लिए रुके उसी वक़्त मैने अपनी कमर को ऐसा झटका दिया की स्टील रोड सरीखा वह मोटा लंड मेरी चूत की मांसलता में धंस गया. इस समय तक मेरी उत्तेजना हिमालय की ऊंचाई पर पहुंच चुकी थी. इस समय तक मेरी उत्तेजना हिमालय की ऊंचाई पर पहुंच चुकी थी. सब को सोता देख मुझे तसल्ली हुई. जिसकी मदद से उन्होने मेरी चूत को बुरी तरह मथ डाला था और मुझे सुख की असीम ऊंचाइयों पर पहुंचा दिया था.“खुल कर बताओ तुम्हे मज़ा आया या नहीं” जीजा जी मुझसे चिपकते हुवे बोले.लेकिन मैं इस बात का क्या जवाब देती. मैने झुक कर जीजा जी का लंड मुँह में डाल लिया और उसे चूसने लगी. ऐसा लगने लगा जैसे मेरी चूत मोटी होती जा रही है. हम दोनों ने साथ साथ खाना खाया. “तुम सफर में थक गई होगी जा कर बैडरूम में आराम कर लो”.















