मैंने बाथरूम से लौट कर लाइट बंद कर दी.अब कमरे में काफी अँधेरा हो गया और फिर मैं फिर से धीरे से खाँसा तुरंत डिंपल भी खांसी. हिंदी XXX और आखिर रात आ ही गयी और आज राजीव बातों के मूड में था, बोला दादा मैं बहुत थक गया हूँ आज बहुत मजा आया लेकिन आज इतना पैदल चला हूँ की बस आई ऍम वैरी वैरी टायर्ड. वो चूँकि ये सब धीरे धीरे बोल रही थी तो और भी सेक्सी मजा आ रहा था. मुझे हर पल रात का इंतज़ार था. मैंने भी कहा डिंपल यू आर मस्त. मैंने उसकी चूत में हाथ लगाया तो वो बिलकुल गीली हो रही थी.अब मुझसे नहीं रुका गया मैंने राजीव की तरफ देखा तो वो घोड़े बेच कर गधों की तरह सो रहा था. मैं चोद डिंपल को रहा था और मुझे लग रहा था की मेरा लंड तम्मना भाटिया की चूत के अंदर है एंड आई ऍम सकिंग हर बूब्स.वो चिल्ला रही थी की आह ऊऊह्ह्ह्ह मममममम उम्म्म्म मर गयी और जोर से पूरा फाड़ दो दादा. लौट के मैं डिंपल के तख़्त पर हिम्मत करके लेट गया. मैं भी उसकी ओर देख कर मुस्कुराया. सुबह मामा के घर पहुँच कर हम लोग नहाये फिर ब्रेकफास्ट लिया और फिर हम सबने फिल्म देखने जाने का फैसला किया। हम मराठा मंदिर गए और फिल्म “दिलवाले दुल्हनिया ले जाएँगे”















