मैंने उसके तरफ घूम गयी, वो अब चूचियों को छोड़ कर मेरे बड़े बड़े चूतड़ को दोनों हाथ से दबा के अपने लंड के पास मेरे बूर को सटा लिया और धक्का मारने लगा.मैंने उसके होठ को अपने होठ से चूमना सुरु कर दी, आंधी तेज चल रही थी ठंडा मौसम में गरम एहसास हो रहा था, मेरा शरीर गरम हो चुका था, मैं प्रांजल का लंड लेने के लिए काफी व्याकुल थी, मैं चुद जाना चाह रही था, तभी प्रांजल ने मेरे ऊपर के गीले कपडे को उतार दिया, मेरा बड़ा बड़ा चूच उसके सामने ज्यों ही पड़ा वो बच्चो की तरह पिने लगा. XXX Hindi अब दो इंच और गया तीसरे झटके में पूरा लंड मेरे बूर से होते हुए पेट तक जा रहा था, दर्द का एहसास हो रहा था पर ये एहसास अच्छा था, फिर वो मुझे जोर जोर से चोदने लगा, मैंने भी गांड उठा उठा के चुदवा रही थी, वो फिर कई तरह से मुझे चोदा मैंने पूछा प्रांजल तुम्हरे इतने सारे पोज कैसे आता था, तो वो बोला हमलोग एडल्ट मूवी देखते है इसलिए मुझे पता है चुदाई का पोजीशन.रात भर चोदने के बाद मेरा बूर सूज गया था दर्द के मारे चला नहीं जा रहा था सुबह के करीब चार बजे प्रांजल वापस अपने बंगले में सोने चला गया और मैं भी सो गयी, उस रात










