देखने से तो अच्छे घर की लगती हो!!” सेठ अस्मिता के गाल पर किस करते हुआ पूछा जैसे कोई आपनी माशूका से पूछता है।“वो…..बी टेक की फीस जमा करनी थी इसलिए मुझे रंडी बनना पड़ा!!” अस्मिता ने कहा।कुछ देर तक वो मेरी बहन के गाल पर प्यार भरे अंदाज में चुम्मी देता रहा। फिर उसके होठ पीने लगा। उसके बाद काफी देर तक उसने अस्मिता के मस्त मस्त नशीले दूध पिये और अपनी वासना की आग बुझाई। फिर उसकी बुर पीने लगा।कुछ देर बाद उसने मेरी बहन को घोड़ी बना दिया। और पीछे से उसकी लम्बी लम्बी फूली और नाव जैसी दिखने वाली चूत की एक एक फांक को सेठ बड़े प्यार से पीने लगा। अस्मिता घोड़ी बन चुकी थी। उसके 36” के मस्त मस्त आम निचे की तरफ लटक रहे थे जैसे किसी असली पेड़ के आम हो।सेठ बड़ी देर तक अस्मिता के सुंदर चुतड सहलाता रहा। और यहाँ वहां चूमता रहा। फिर उसने पीछे से उसकी गुलाबी चूत में लंड डाल दिया और मजे लेकर चोदने लगा। कुछ देर बाद अस्मिता को भी बड़ा सुख मिलने लगा।“चोद डालो सेठ जी……आज चोद डालो इस रंडी को!!…फाड़ दो मेरी फटी चूत को!!!” अस्मिता कसकस कर चिल्लाने लगी।सेठ ने मेरी बहन के दोनों हाथ पकड़ लिया और उसे कोई घोड़ी बना दिया और गपागप उसकी बुर में लंड देने लगा। सेठ ने करीब















