..इसस्स्स्स् स्स्स्स्….उहह्ह्ह्ह….ओह्ह्ह्हह्ह….” की सिसकारी ले रही थी। मेरी सारे अंग में बिजली दौड़ने लगी। मै गर्म हो गई। सूरज ने मुझे अपनी गोदी में बिठा रखा था। उसका खड़ा लंड मेरी गांड़ में चुभ रहा था।मुझे वो बहुत ही मोटा महसूस हो रहा था। मैंने भी उसके लंड को देखने के लिए उसके पैंट से बेल्ट निकालने लगी। बेल्ट को निकालते ही मैंने हुक खोलकर उसका पैंट कच्छे सहित नीचे करके उसके 12 इंच लंबे लंड का दर्शन किया। बाप बाप रे इतना बड़ा लंड मैंने अभी तक नहीं देखा था। मैंने 4 से लेकर 8 इंच तक को ही लंड से अपनी चूत में लिया था।मैंने उसके लौड़े को हाथ में पकड़ कर उठाया। लंड के टोपे को मुह में रख कर चूस चूस कर चाट रही थी। आइसक्रीम की तरह दो बूँद मलाई निकला। मैंने उसको चाट लिया। वो नमकीन लग रहा था। उसके बाद उसकी गोलियों को चूसने के लिए मैंने अपने मुँह में रख कर टॉफी की तरह चुलबुला रही थी। सूरज भी जोश में आ गया।अपना लंड मेरे गले तक पेल पेल कर चोदने लगा। उसने मुझे खड़ा करके मेरी सलवार का नाड़ा खोल दिया। पैंटी में देखकर वो दंग रह गया। उसकी आँखे फ़टी की फटी रह गई। उसने मेरी चूत को पैंटी में ही सूंघकर निकाल दिया। पैंटी को निकालते ही मैं नंगी हो गई।















