ओ हो हो….” पुनम बार बार चिल्ला देती थी। मुझे उसकी सिस्कारियां बहुत मीठी लग रही थी।जितना तेज वो चिल्लाती थी, उतनी तेज मैं उसे गच्च गच्च पेल रहा था। हम दोनों की मस्त ठुकाई चल रही थी। मुझे किसी बात का डर नही था। चलो आज मेरा उसे चोदने का सपना तो पूरा हो गया। मैं अपनी सरहज के रसीले होठ पीता रहा और उसे फटाफट पेलता रहा।उसकी चूत अच्छे से चुद रही थी और मेरे लौड़े में उसका रस अच्छे से लग चुका था। मैंने २० मिनट पुनम को उसके रसीले होठ चूसकर चोदा और नॉट आउट रहा। फिर मैं नीचे आ गया और उसकी छलकती और मचलती मुसम्मियों को मुंह में लेकर चूसने लगा। सच में मैं बहुत किस्मत वाला था जो पुनम जैसी मस्त माल को आज चोदने का सुअवसर आज मुझे नसीब हुआ था। मैं अपनी सरहज पुनम की मुसम्मी पीते पीते उसे बजाने लगा। धीरे धीरे हम दोनों का वेग चरम सीमा को पार करने लगा।पुनम“….उंह उंह उंह हूँ.. XXX Hindi अई…अई….अई…… करके चिल्ला रही थी। ये मेरी मेहनत की आवाजे थी वो पुनम निकाल रही थी। आज तो जैसे मुझे जन्नत मिल गयी थी। पुनम ने मुझे कसकर पकड़ लिया और अपने गोल गोल लपलपाते चुतड वो उठाने लगी। मैं कमर मटका मटकाकर उसे पेलने लगा। आधे घंटे बाद वो मेरे साथ ही झड़ गयी। अपनी सरहज















